First Pradosh fast of Jyestha month on 16th

ज्येष्ठ मास का पहला प्रदोष व्रत 16 को, देखें मुहूर्त व  पूजा मंत्र

Buda

First Pradosh fast of Jyestha month on 16th

First Pradosh fast of Jyestha month on 16thM¤ हिंदू धर्म में भगवान शिव की उपासना के लिए सोमवार, शिवरात्रि और प्रदोष व्रत को सर्वाधिक फलदाई माना जाता है। बता दें कि प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर भगवान शिव की उपासना करने से साधक को सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। साथ ही इस विशेष दिन पर भगवान शिव की उपासना प्रदोष काल में की जाती है। 

प्रदोष व्रत तिथि 
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का शुभारंभ 16 मई को रात्रि 11 बजकर 36 मिनट से होगा और इस तिथि का समापन 17 मई को रात्रि 10 बजकर 28 मिनट पर हो जाएगा। ऐसे में यह व्रत 17 मई 2023, बुधवार के दिन रखा जाएगा। बुधवार के दिन पडऩे के कारण इस व्रत को बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। साथ ही इस दिन मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाएगी।

पूजा मुहूर्त 
वैदिक पंचांग में बताया गया है कि बुध प्रदोष व्रत के दिन पूजा मुहूर्त शाम 07 बजकर 06 मिनट से रात्रि 09 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। साथ ही इस विशेष दिन पर आयुष्मान योग का भी निर्माण हो रहा है, जो राशि 09 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। माना जाता है कि आयुष्मान योग में अध्यात्मिक कार्य करने से साधक को विशेष लाभ मिलता है।

पूजा मंत्र 
1. ऊँ नम: शिवाय ।

2. ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि! तन्नो रुद्र: प्रचोदयात् ।।

3. नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।

नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ।।
4. ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

5. ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिंगम् निर्मलभासितशोभितलिंगम् ।
जन्मजदु:खविनाशकलिंगम् तत्प्रणमामि सदाशिवलिंगम् ।।

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